पटना। बिहार की राजधानी पटना से एक बार फिर गोलीबारी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पंडारक थाना क्षेत्र के पैठानीचक गांव में अपराधी ने पूर्व प्रमुख के भाई को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना में एक नाबालिग भी गोली लगने से जख्मी हुआ है। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरातफरी मच गई। दोनों घायलों को पहले अनुमंडलीय अस्पताल बाढ़ ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया गया है। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है।
गर्दन में लगी गोली, हालत गंभीर
घायल की पहचान पूर्व प्रमुख के भाई राजेश कुमार (28 वर्ष) के रूप में हुई है। राजेश को गोली गर्दन में लगी है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं इस घटना में अंजेश कुमार (16 वर्ष) भी गोली लगने से घायल हुआ है।
परिजनों के अनुसार, गोली लगते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों की मदद से दोनों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।
पैठानीचक गांव में दहशत, मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पंडारक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। गांव में इस घटना के बाद तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग इस बात से हैरान हैं कि बिना किसी विवाद के अचानक गोली कैसे चल गई।
घायल राजेश कुमार का बयान: “कोई विवाद नहीं था”
घायल राजेश कुमार ने होश में आने के बाद बताया कि उसका आरोपी से कोई पुराना विवाद नहीं था। राजेश के मुताबिक,
“गुड्डू कुमार शराब के नशे में था। हम लोग वहीं खड़े थे। अचानक उसने गोली चला दी। हम दोनों के बीच पहले से कोई झगड़ा या दुश्मनी नहीं थी।”
राजेश के इस बयान के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है, क्योंकि इसमें शराब के नशे में हथियार रखने और फायरिंग करने का आरोप सामने आ रहा है।
दादा ने बताया—घर से थोड़ी दूरी पर चली गोली
घायल राजेश कुमार के दादा राम ललन महतो ने बताया कि उन्हें घर से कुछ दूरी पर पोते को गोली लगने की सूचना मिली।
उन्होंने कहा,
“गोली चलने की आवाज आई, उसके बाद गांव में अफरातफरी मच गई। आपस में ही गोली चली है, ऐसा हमें बताया गया।”
उनके अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पहले बाढ़, फिर PMCH रेफर
घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण दोनों को बेहतर इलाज के लिए PMCH रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों का कहना है कि गर्दन में गोली लगना बेहद संवेदनशील मामला होता है, ऐसे में राजेश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
थाना अध्यक्ष का बयान: “बातचीत के दौरान हुई फायरिंग”
पंडारक थाना अध्यक्ष नवनीत राय ने घटना को लेकर बताया कि प्रारंभिक जांच में तीनों युवक आपस में बैठकर बातचीत कर रहे थे।
थाना अध्यक्ष के अनुसार,
“गुड्डू कुमार के पास कट्टा था। बातचीत के दौरान गोली लोड करने या चेक करने के क्रम में अचानक फायरिंग हो गई। इसी दौरान नाबालिग अंजेश कुमार घायल हुआ और दूसरी गोली राजेश कुमार के गर्दन में लग गई।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल तीनों के बीच किसी तरह के आपसी विवाद की पुष्टि नहीं हुई है।
अवैध हथियार और शराब बना बड़ी चिंता
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में अवैध हथियार और शराब के सवाल को खड़ा कर दिया है। शराबबंदी के बावजूद खुलेआम शराब पीने और हथियार रखने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आरोपी के पास अवैध हथियार नहीं होता, तो शायद यह हादसा नहीं होता। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि कट्टा कहां से आया और आरोपी उस समय शराब के नशे में था या नहीं।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपी पर शिकंजा कसने की तैयारी
पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए जांच तेज कर दी है। आरोपी की भूमिका, हथियार की बरामदगी और फायरिंग के सही कारणों की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस आरोपी गुड्डू कुमार से पूछताछ कर रही है और जल्द ही इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पटना में बढ़ते अपराध पर सवाल
पटना और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही गोलीबारी की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े या गांवों में इस तरह की घटनाएं आम लोगों में डर पैदा कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध हथियारों पर सख्त कार्रवाई और शराब के अवैध कारोबार पर कड़ी नजर ही ऐसी घटनाओं को रोक सकती है।
निष्कर्ष: एक लापरवाही, दो जिंदगियां खतरे में
पैठानीचक गांव की यह घटना भले ही विवाद रहित बताई जा रही हो, लेकिन यह साफ दिखाती है कि शराब और अवैध हथियार कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। एक पल की लापरवाही ने दो जिंदगियों को अस्पताल पहुंचा दिया और पूरे गांव को दहशत में डाल दिया।
अब सबकी नजरें पुलिस जांच और आरोपी पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

