पटना। बिहार इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। पिछले एक सप्ताह से जारी भीषण शीतलहर ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बर्फीली पछुआ हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कनकनी बढ़ गई है। हालात ऐसे हो गए हैं कि सुबह और देर रात घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है।
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य के कई जिलों में जिलाधिकारियों ने स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। मंगलवार को मुंगेर जिले में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि फिलहाल राहत की उम्मीद कम है और आने वाले कुछ दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
4 जनवरी तक बंद हुए स्कूल, बच्चों को मिली राहत
शीतलहर को देखते हुए लखीसराय जिले में 4 जनवरी तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। यह आदेश कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों पर लागू होगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 9वीं कक्षा से ऊपर की पढ़ाई सामान्य रूप से जारी रहेगी।
प्रशासन का कहना है कि छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, क्योंकि सुबह के समय तापमान काफी नीचे चला जा रहा है और कोहरे के कारण दृश्यता भी बेहद कम हो गई है।
पटना, बक्सर, जहानाबाद और बांका में भी छुट्टी
राजधानी पटना और बक्सर जिले में सभी स्कूलों को 26 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। वहीं जहानाबाद में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालय 27 दिसंबर तक बंद रहेंगे।
बांका जिले में प्रशासन ने ठंड को देखते हुए और सख्त फैसला लिया है। यहां 31 दिसंबर तक सभी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
किशनगंज में बदला स्कूलों का समय
जहां कुछ जिलों में स्कूल पूरी तरह बंद किए गए हैं, वहीं किशनगंज जिले में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। नए आदेश के अनुसार अब सभी स्कूलों में कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगी।
प्रशासन का मानना है कि इससे सुबह की अत्यधिक ठंड और कोहरे से बच्चों को राहत मिलेगी।
डीएम का सख्त आदेश, नियमों का पालन जरूरी
समस्तीपुर जिले में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, प्री-स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में कक्षा 1 से 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 27 दिसंबर तक रोक लगा दी गई है।
हालांकि, बोर्ड और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के लिए आयोजित विशेष कक्षाएं और परीक्षाएं इस आदेश से मुक्त रखी गई हैं। डीएम ने साफ किया है कि अगर ठंड और बढ़ती है, तो इस आदेश की अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है।
घने कोहरे से हवाई सेवाएं भी प्रभावित
शीतलहर और कोहरे का असर सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं है। पटना एयरपोर्ट समेत राज्य के अन्य हवाई अड्डों पर भी उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
कोहरे के कारण 4 फ्लाइट रद्द करनी पड़ीं, जबकि 20 जोड़ी विमानों की आवाजाही प्रभावित रही। यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, जिससे भारी परेशानी देखने को मिली।
तापमान का हाल: कई जिले 10 डिग्री से नीचे
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार के 4 जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि 8 जिलों में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री से कम रहा।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले पांच दिनों तक ठंड और कोहरा इसी तरह बना रह सकता है, जिससे जनजीवन और ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है।
आखिर क्यों बढ़ रही है इतनी ठंड?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय पछुआ जेट स्ट्रीम समुद्र तल से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसकी रफ्तार लगभग 140 नॉट तक पहुंच चुकी है।
इसी जेट स्ट्रीम के कारण उत्तर भारत के साथ-साथ बिहार में भी तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक यह सिस्टम सक्रिय रहेगा, तब तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।
प्रशासन की अपील: सावधानी बरतें
राज्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि ठंड के दौरान खास सावधानी बरतें। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचाएं, गर्म कपड़े पहनें और जरूरत न हो तो यात्रा टालें।
निष्कर्ष
भीषण शीतलहर ने बिहार में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों को बंद करना प्रशासन का जरूरी और सराहनीय कदम है। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए यह साफ है कि आने वाले दिनों में भी ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

