रांची जिले के सदर थाना क्षेत्र में 50 लाख रुपये से ज्यादा के गहनों की सनसनीखेज छिनतई मामले में रांची पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। हालांकि वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, लेकिन बिहार के कटिहार जिले में छापेमारी कर पुलिस ने छिने गए सभी गहने बरामद कर लिए हैं। इस वारदात के पीछे कुख्यात कोढ़ा गैंग का हाथ बताया जा रहा है।
कैसे हुई वारदात?
सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि 08 दिसंबर 2025 को सदर थाना क्षेत्र निवासी निलय प्रकाश अपनी पत्नी के साथ डीएवी बरियातु के पास स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा पहुंचे थे। वहां से वे लॉकर में रखे गहने निकालकर अपनी चारपहिया गाड़ी से घर लौट रहे थे।
घर पहुंचने पर निलय प्रकाश की पत्नी गेट खोलने के लिए कार से उतरीं और जेवरात से भरा बैग कंधे पर टांगे हुए थीं। इसी दौरान बाइक पर सवार दो अपराधी अचानक आए और बैग झपटकर फरार हो गए। घटना की सूचना तुरंत सदर थाना को दी गई, जिसके बाद अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
एसआईटी गठित, बिहार तक पहुंची जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रांची के निर्देश पर सिटी एसपी पारस राणा और डीएसपी सदर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। तकनीकी अनुसंधान के दौरान पुलिस को कोढ़ा गैंग की संलिप्तता के ठोस सुराग मिले।
इसके बाद सदर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से ग्राम जुराबगंज में रामकुमार यादव के घर पर छापेमारी की गई, जहां से छिनतई में लूटे गए सभी गहने बरामद कर लिए गए।
55-60 लाख के गहने बरामद
छापेमारी के दौरान करीब 425 ग्राम सोना और 450 ग्राम चांदी, जिसकी अनुमानित कीमत 55 से 60 लाख रुपये है, बरामद की गई। पुलिस ने इस कांड में शामिल अभियुक्त रामकुमार यादव समेत अन्य अपराधियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का दावा
रांची पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस छिनतई कांड में शामिल सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, इतने बड़े लूटकांड में पूरे गहनों की बरामदगी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।
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