सिवान में बढ़ता अपराध: सांसद और विधायक को 10 लाख की रंगदारी, जान से मारने की धमकी से मचा हड़कंप

सिवान में बढ़ता अपराध: सांसद और विधायक को 10 लाख की रंगदारी, जान से मारने की धमकी से मचा हड़कंप

Satveer Singh
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सिवान, बिहार में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते दिख रहे हैं। अब अपराधियों ने आम लोगों से आगे बढ़कर सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधियों को भी खुलेआम धमकाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला सीवान की सांसद विजयलक्ष्मी देवी और बड़हरिया के विधायक इंद्रदेव सिंह से जुड़ा है, जिन्हें एक ही तरीके से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगकर जान से मारने की धमकी दी गई है। इन घटनाओं ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सांसद को कॉल कर कहा– “पैसा नहीं दिया तो अंजाम बुरा होगा”
सीवान सांसद विजयलक्ष्मी देवी के प्रतिनिधि मनोरंजन श्रीवास्तव के मोबाइल पर 3 दिसंबर की रात एक अनजान नंबर से लगातार दो बार कॉल आया। कॉलर ने सीधे 10 लाख रुपये की मांग की और स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो जान से मार दिया जाएगा। धमकी का तरीका इतना खौफनाक था कि सांसद परिवार और स्थानीय समर्थकों में दहशत फैल गई। सांसद प्रतिनिधि ने तुरंत मैरवा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज की गई।

विधायक इंद्रदेव सिंह को भी मिली जान से मारने की धमकी
सिवान के बड़हरिया से विधायक इंद्रदेव सिंह को भी इसी तरह 10 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गई। कॉलर ने धमकी देते हुए कहा कि पैसे नहीं देने पर “धुंध-धुंध कर देंगे”। विधायक ने भी तत्काल मामले की जानकारी पुलिस को दी और थाने में शिकायत दर्ज कराई। दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा और डर का माहौल बन गया है।

जिला पुलिस अलर्ट, साइबर सेल सक्रिय
दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस ने मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल और सर्विलांस टीम को कॉल लोकेशन तथा कॉलर की पहचान निकालने में लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह असामाजिक तत्वों की हरकत लग रही है, लेकिन हर एंगल से जांच जारी है।

सुरक्षा बढ़ाई गई
धमकियों के बाद सांसद और विधायक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने दोनों के आवास के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और उनके आवागमन पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

यह घटनाएं प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा रही हैं, खासकर तब जब धमकी का शिकार जनता के प्रतिनिधि खुद बन जा रहे हों।

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